जानलेवा बनी तीसरे मंजिल की इमरजेंसी

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ud 22712-11-2013-02-20-28Nउदयपुर। एमबी चिकित्सालय के ट्रोमा सेंटर की अव्यवस्थाओं से रोगियों की जान पर बन आई है। तीसरी मंजिल पर बने आईसीयू तक पहुंचने के लिए रैम्प की यात्रा रोगी का शरीर ढीला कर देती है। क्योंकि लिफ्ट संचालन चौबीस घंटे नहीं हो पा रहा है। बजट स्वीकृति के बगैर ही आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर का भूतल से तीसरी मंजिल पर स्थानांतरण रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आईसीयू में पावर प्लग कनेक्शन नहीं होने से यह सामान्य वार्ड बनकर रह गया है, जहां पांच वेंटीलेटर और पांच मॉनिटर बंद पड़े हैं।

केवल एक प्वॉइंट पर कनेक्शन देते हुए गंभीर रोगी को यहां शिफ्ट करते हुए वेंटीलेटर पर लेने का जुगाड़ किया गया है, वह भी आवश्यकता होने पर। ऑपरेशन थिएटर में भी केवल एक प्लग चालू है, जिससे सभी लाइटें संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन यहां तीन से चार ऑपरेशन होते हैं, जिनके लिए तीसरी मंजिल तक ऑक्सीजन सिलेंडर ले जाना और अन्य व्यवस्थाएं बगैर लिफ्ट के करनी होती है। तीसरे मंजिल पर स्थापित आईसीयू में टेलीफोन की सुविधाएं भी नहीं जो, आपात स्थितियों में रोगियों की जान से समझौता करने जैसा हो गया है।

नहीं चलती लिफ्ट

लिफ्ट संचालन सवेरे नौ से दोपहर तीन बजे तक ही होता है और इसके बाद आने वाले गंभीर रोगी रैम्प से आईसीयू का सफर तय करते हैं। इस दौरान गंभीर रोगी की हालत और दयनीय हो जाती है, जबकि यही हालत ऑपरेशन के बाद एक्स-रे जांच के लिए पहुंचने वाले रोगी की भी होती है। इधर, लिफ्ट में आए दिन स्टाफ के फंसने की परेशानी होती है, जिससे किसी दिन गंभीर रोगी के फंसने पर स्थिति गंभीर होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्योंकि इसे खुलवाने में आधे से पौन घंटा तक लग जाता है।

 

भोलूराम ने तोड़ा दम

चीरवा घाटा में हुई दुर्घटना के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा ट्रोला चालक भोलूराम भी रविवार शाम अव्यवस्थाओं का शिकार हुआ और आखिरकार जान से हाथ धो बैठा। किशनगढ़ निवासी चालीस वर्षीय भोलूराम को एंडोट्रेकियल टयूब लगाते हुए अम्बुश बैग के साथ आईसीयू में भेजा गया, ताकि वेंटीलेटर पर लिया जा सके। लिफ्ट ठप होने से तीन मंजिल तक ट्रोली पर रैम्प की यात्रा करते हुए आईसीयू पहुंचने तक उसकी मौत हो गई।

 

बजट मांगेंगे

हम वित्त विभाग से होने वाली बैठक में चौबीस घंटे लिफ्ट संचालन के लिए बजट मांगेंगे, तभी ऎसा संभव हो सकेगा। पावर पॉइंट और टेलीफोन आदि के संबंध में मेरे पास विभाग से कोई शिकायत नहीं आई है, इसलिए मेरे अनुसार तो सब ठीक चल रहा है। कल पता करता हूं।

डॉ.डी.पी.सिंह अधीक्षक, एमबी चिकित्सालय

Shabana Pathan
Shabana Pathanhttp://www.udaipurpost.com
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