भारतीय रेलवे के निजीकरण का ख़ाका तैयार ?

Date:

भारत रेल कंपनियों का स्वर्ग है.
150410104202_indian_railway_624x351_ap_nocredit
भारतीय रेल नेटवर्क के पास 9,000 इंजन हैं जिनमें 43 अभी भी भाप से चलने वाले हैं. इंजनों का यह विशाल बेड़ा क़रीब पांच लाख माल ढोने वाले डिब्बों और 60,000 से अधिक यात्री कोचों को 1 लाख 15 हज़ार किलोमीटर लंबे ट्रैक पर खींचते हैं.
रेलवे 12,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन करता है, जिसमें 2 करोड़ 30 लाख यात्री रोज़ यात्रा करते हैं.

एक ‘ऑस्ट्रेलिया’ को रोज़ ढोती है भारतीय रेल
यह विशाल सरकारी कंपनी ‘राज्य के अंदर एक राज्य जैसा’ है. रेलवे के अपने स्कूल, अस्पताल और पुलिस बल है. इसमें कुल 13 लाख कर्मचारी काम करते हैं और इस लिहाज से यह दुनिया की सातवां सबसे ज़्यादा रोज़गार देने वाली कंपनी है.
लेकिन इतना बड़ा उपक्रम ज़ल्द ही टूट सकता है.
150411014545_indian_rail_commuter_624x351_ap

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जब अपना कार्यकाल संभाला तभी से वो कड़े सुधारों की कमी के लिए झिड़की देते रहे हैं.
पिछले सप्ताह भारतीय रेलवे के पुनर्गठन को लेकर एक विवादास्पद प्रस्ताव आया. लेकिन काफ़ी चर्चा पैदा करने की संभावना होने के बावजूद इसने बहुत कम ही हलचल पैदा की.
यह प्रस्ताव एक ऐसी कमिटी की ओर से आया है जो भारतीय रेलवे में सुधार के लिए विकल्प तलाश रही है. इसमें रेलवे के निजीकरण के ब्रितानी नुस्खे पर ज़्यादा भरोसा किया गया है.
कमिटी की अंतरिम रिपोर्ट बिल्कुल साफ़ है: रेलवे को ‘प्रतियोगिता की एक ख़ुराक’ दिए जाने की ज़रूरत है.
इसमें कहा गया है कि रेलवे नेटवर्क को निज़ी कंपनियों के लिए खोल देना चाहिए ताकि ये कंपनियां यात्री और माल ढुलाई जैसी सेवाओं में राज्य के साथ मुक़ाबला कर सकें.

150410103942__82156182_mumtraincrowddreuters
ब्रिटेन की राह पर
कमिटी की सिफ़िरिशों में तर्क दिया गया है कि ब्रिटेन की तरह ट्रेन संचालन के काम को पटरियों से अलग कर देना चाहिए.
ब्रिटेन की तरह, पूरी प्रक्रिया को ऐसे एक स्वतंत्र नियामक की निगरानी पर छोड़ देना चाहिए, जिसकी ज़िम्मेदारी यह तय करना हो कि नए निजी ऑपरेटरों को समान रूप से रेल पटरियों को इस्तेमाल करने का मौका मिले.
कमिटी ने रेलवे से जुड़े उद्योगों में भी निजी हिस्सेदारी की सिफ़ारिश की है. निजी कंपनियां पहले ही रेलवे के लिए बोगियां बनाती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें यात्री डिब्बों और इंजन बनाने की भी इजाज़त देनी चाहिए.
कमिटी के सदस्यों को डर है कि प्रतियोगिता में भारतीय रेलवे का निर्माण विभाग पिछड़ जाएगा इसलिए उन्होंने इनकी जगह एक नई और स्वतंत्र कंपनी बनाने का सुझाव दिया है.
भारतीय रेलवे, एसी कोच
यह सब सार्वजनिक मालिकाने के तहत ही रहेगा, लेकिन सरकार की निररानी में होगा. इसे तनख़्वाह तय करने और कर्ज़ लेने की आज़ादी होगी.
इस दरम्यान, पूरे नेटवर्क का प्रबधंन और लेखातंत्र को पूरी तरह पुनर्गठित करने की ज़रूरत है.
कमिटी के चीफ़ अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय का कहना है कि कोई प्रकल्प फ़ायदे में रहेगी या नुक़सान में यह तय करना असंभव है.

150407025337_narendra_modi_prime_minister_624x351_afp
मोदी वादा तोड़ेंगे?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय रेलवे को अपने असंख्य अस्पताल, स्कूल, पुलिस बल और अन्य अतिरिक्त गतिविधियों से हाथ खींच लेना चाहिए.
भारत की सबसे बड़ी रेलवे यूनियन नें इस रिपोर्ट की आलोचना की है और दावा किया है कि यह रेलवे के निजीकरण की कोशिश है.
हालांकि नरेंद्र मोदी इस बात से साफ़ इनकार किया था.
मोदी ने वाराणसी में रेलवे के एक कार्यक्रम में ट्रेड यूनियनों को भरोसा दिलाया था, “हम रेलवे का निजीकरण नहीं करने जा रहे हैं. ऐसा करने की ना तो हमारी इच्छा है और ना ही हम इस ओर सोच रहे हैं.”
हालांकि यूनियनों से किए गए अपने वादे को बिना तोड़े मोदी कमिटी की सभी सिफ़ारिशों को स्वीकार कर सकते हैं.
निजी कंपनियों की चांदी?
कमिटी के सदस्य और प्रॉक्टर एंड गैंबल (इंडिया) इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे गुरुचरन दास कहते हैं, “निजीकरण और प्रतियोगिता में अंतर होता
वे तर्क देते हैं, “हम रेलवे को बेचना नहीं चाहते. हम इस क्षेत्र में प्रतियोगिता लाना चाहते हैं. ऐसा होने से अधिक विकल्प होंगे, क़ीमतें कम होंगी और स्टैंडर्ड ऊंचा होगा.”
लेकिन निजीकरण को लेकर यूनियनों की बेचैनी को आप बेजा क़रार नहीं दे सकते. हो सकता है कि इसे बेचने की अभी कोई मंशा न हो, लेकिन ये सारे नए उद्योग भविष्य में बेचे जाने के लिए तैयार हो चुके होंगे.
इस बात से ट्रेन कंपनियों को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है. नई ट्रेन कंपनियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है.

so- BBC – hindi

1 COMMENT

  1. रेलवे का निजी कंपनियो में जाना गलत होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Kasyno Granial Madryt w Internecie Bonos, Review i Rady

Na koniec należy oznaczyć, że gry są opracowywane z...

Top Salle de jeu quelque peu 2025 : Bouquin nos Plus grands Condition de jeu

Votre législation a vu au moment continûment en compagnie...

Психология азарта: почему мы любим казино автоматы

Психология азарта: почему мы любим казино автоматыАзартные игры, особенно...

Рабочее зеркало Мелбет нате сейчас вход, скачать

В данном материале речь идет что касается нелегальной в...