
उससे क्षेत्र में रहने वाला हेडकांस्टेबल रामचंद्र रैगर छह लाख रुपए की उधारी पर उससे 15 प्रतिशत मासिक ब्याज वसूल रहा था। इसको लेकर उससे की जा रही मारपीट और धमकियाें से आजिज आकर खुदकुशी कर ली थी।
अंबामाता थाना एसआई सबीर खान ने बताया कि बाबूलाल ने अब संतोष नगर (सूरजपोल) निवासी रामचन्द्र रैगर, इसकी पत्नी नारायणी देवी, परिचित मधु दक के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 में महिला को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया कि सूरजपोल थाने के हेडकांस्टेबल रामचन्द्र रैगर से फरवरी 2015 में बेटे की शादी और अप्रैल में कपड़े की दुकान और व्यक्तिगत काम के लिए बाबूलाल ने छह लाख रुपए कर्ज लिया था।

ब्याज के लिए करते थे मारपीट
रिपोर्ट में आरोप है कि इतना ज्यादा ब्याज नहीं चुका पाने पर एक जनवरी को रामचन्द्र रैगर और उसकी पत्नी बाबूलाल के घर पहुंचे और उसकी पत्नी को धमकाने लगे। अगले दिन इनकी साथी मधु दक पहुंची। बाबूलाल के घर पर नहीं होने से महिला नीलम से तकाजा करते हुए गालीगलौज और मारपीट करने लगी।
यहां उसने गायरियावास स्थित दुकान में आग लगाने की धमकी दी और जेवर बेचकर ब्याज देने का दबाव बनाया। बताया गया कि ये सुनार की दुकान पर जेवर लेकर गए, लेकिन भाव नहीं बैठा। इसके बाद नीलम पति से घर की चाबी लेकर मंदिर जाने की बात कहकर चली गई। उसके वापस घर नहीं लौटने पर परिवार तलाश में था और पुलिस में रिपोर्ट भी दी।
रिपोर्ट दर्ज कराते मिला हेडकांस्टेबल
खुदकुशी करने वाली महिला के बेटे राजू कोहली ने बताया कि वह बड़े भाई अनिल के साथ इंदौर में कपड़े बेचने गया था। 2 जनवरी की रात करीब 10 बजे पिता सूरजपोल थाने में रिपोर्ट देने गए थे। वहां हेडकांस्टेबल राम चन्द्र रैगर मिला। उसने गुमशुदगी दर्ज की। 2 जनवरी की रात करीब 11 बजे मोबाइल पर मां के शव का फोटो मिला। पिता ने अंबामाता थाने जाकर पता किया तो फतहसागर में डूबने से मौत का पता चला। इस पर दोनों भाई इंदौर से रविवार शाम पहुंचे।