राजस्थान के गृहमंत्री के गृह नगर में पद्मावत फिल्म के विरोध के दौरान जम कर मचा उत्पात – खूब हुई तोड़फोड़ , पुलिस जाने क्यूँ थी मजबूर

Date:

उदयपुर। उदयपुर ही नहीं राजस्थान के किसी सिनेमा घर में विवादित फिल्म पद्मावत नहीं प्रदर्शित हुई लेकिन फिर भी करनी सेना व् अन्य संगठनों द्वारा उदयपुर में आधे दिन का बंद रखा। इस बंद के दौरान हुड़दंगियों ने कई जगह जम कर उत्पात मचाया। कई जगह तो उत्पात मचाते हुड़दंगियों को पुलिस मूकदर्शक बन कर देखती रही। बाद में जब कई दूकानदारों ने तोड़फोड़ का विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कारियों को खादेडा। आधे दिन में बंद के दौरान मुख्य शहर के अन्दर बाज़ार बंद रहे जब की यातायात व् बाहर की कोलोनियों में बाज़ार खुले रहे।
पद्मावत फिल्म के विरोध में राजपूत करणी सेना सहित कई संगठनों ने गुरुवार को उदयपुर में आधे दिन का जनता कफ्यू रखने का निर्णय किया। इसका असर शहर में सुबह से ही देखने को मिला। कई संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे और नारेबाजी कर व टायर जलाकर प्रदर्शन किया। ज‍िलेे में भी कई जगह रास्‍ता जाम कर लोगों ने प्रदर्शन क‍िया। शहर के सेवाश्रम चौराहे से लेकर बीएन कॉलेज तक करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। बंद समर्थकों ने दुकानों के सामान फेंके, सड़क पर ऑयल गिराया। इससे कई वाहन धारी स्लिप हुए। इस दौरान भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने उन्हें भगाया। इसके अलावा तोरण बावड़ी क्षेत्र में बिगड़ा माहौल। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाया। उदियापोल में व्यापारियों में तोड़फोड़ को लेकर काफी आक्रोश उभरा और व्यापारी इकठ्ठा हो कर बंद समर्थकों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।
करणीसेना के बैनर तले सूरजपोल चैराहे पर प्रदर्शन कारी एकत्रित होते गए। इसके बाद सभी प्रदर्षनकारी एक रैली के रूप में जब शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकले तो कुछ जगह पर दुकाने खुली देख आक्रोषित हो उठे । इस दौरानकरणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हर जगह खुली दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की दुकान में मौजूद सामानों को बिखेर दिया। हंगामा देखकर वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समझाइश करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। करणीसेना के कार्यकर्ताओं ने करीब डेढ दर्जन से भी अधिक दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की । कई दुकानों का सामान बिखेरा तो कई दुकानों के शीशे तक फोड़ दिए। उपद्रवियों ने तो महिला संचालकों को भी नहीं बख्षा और वे विनती करती रही और ये लोग तोड़फोड़ करते रहे। सबसे बड़ी बात राजस्थान के गृहमंत्री के गढ़ की पुलिस अपनी आंखों के सामने यह होता देखती रही। आगे – आगे प्रदर्षनकारी चलते रहे और पीछे – पीछे भारी लवाजमे के साथ पुलिस को चलता देख तो यही लग रहा था कि वह आम लोगों को नहीं प्रदर्षनकारियों को सुरक्षा दे रही हो। उदियापोल मार्ग पर स्थित आॅइल की दुकान, शराब की दुकान और एक कपड़े की दुकान पर भी जमकर उत्पात मचाया। नाकोड़ा गारमेंट्स नाम की दुकान से तो उपद्रवियों ने तोड़फोड़ ही नहीं कि बल्कि कपड़े तक चुरा लिए। वहीं मनामा मोटर्स के भी सारे कांच उपद्रवियों ने पत्थर मारकर फोड़ दिए, इतना ही नहीं एक आयल की दुकान से तो आयल के डिब्बे निकालकर सड़कों पर उड़ेल दिए जिससे घण्टों तक राहगीर फिसलते रहे। शहर में हुए उपद्रव को लेकर हर आम जनता का यही कहना था कि जब राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेष और गोवा के सिनेमाघर मालिकों ने पहले ही आष्वस्त कर दिया था कि वह पद्मावत फिल्म नहीं दिखाएंगे। फिर इस तरह के विरोध प्रदर्षन का क्या मतलब। इस अराजकता वाले सारे माहौल से तो स्पश्ट है कि पुलिस अमले के हाथ उपर वालों ने बांध दिए। तोड़फोड़ आगजनी और हिंसा होती रही लेकिन आमजन की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस मजबूरन मूकदर्षक बनी रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

“Filma Trots Spelpaus Mars 2025

Casino Utan Svensk Licens å Spelpaus 2025 ️ CasinotopContentSvar...

Tecrübelerle Casino Güvenilir Mi? Uzman İncelemesi ve İpuçları

Tecrübelerle Casino Güvenilir Mi? Uzman İncelemesi ve İpuçlarıÇevrimiçi casinolar...

La Migliore Di Casinò On The Internet E Scommesse Sportive”

Mostbet ᐉ Bônus De Boas-vindas R$5555 ᐉ Oficial Mostbet...

Мостбет Зеркало свободное Зеркало Для входа На Сайт

Мостбет Обзор, Зеркало Mostbet, отзыв"ContentБонусы только Акции Зеркала МостбетЧто...